Children's Stories
मिशन अंतरिक्ष
A fantasy world of combats in the universe. But, was it all a dream?

Utkarsh Dhapola
Character – Tanuj, Mayank, Animesh and Divyam as friends
Aliens – Joga, Toba, Oggy & Captain Duba
Location – Space
Theme – Space war
Genre – Fantasy
Plot of Story – Four friends in space confront with aliens, there was a space war in different planets, use of different gadgets. It was a dream.
आज तनुज अपने घर से बाहर निकला, तो देखा कि नीचे जमीन ही नहीं थी। कुछ देर बाद तनुज अपने कपड़ों की अलमारी में कपड़े ढूंढने लगा, वहां बहुत सारे स्पेस सूट थे। घर पहनने वाले कपड़े तो बहुत ही कम थे। धीरे–धीरे तनुज को भी समझ आने लगा कि वह अपनी धरती से दूर अंतरिक्ष में था।
फिर वह जब अपने गैराज में गया तो देखा वहां गाड़ियां नहीं, बहुत आधुनिक अंतरिक्ष यान रखे हुए थे, एक नहीं वह भी लगभग 3 या 4 होंगे। फिर तनुज टीवी देखने गया तो देखा कि वहां पर टीवी नहीं मिशन बोर्ड रखा था। कोई ऐसा–वैसा मिशन बोर्ड नहीं था वो भी आधुनिक था।
पहले तो तनुज को कुछ समझ ही नहीं आ रहा था फिर सामने लगी एक फोटो को देखा, वह तो एक स्पेस फाइटर था। उसमें उसके कुछ दोस्तों की तस्वीरेँ भी थी, नीचे नाम पढ़े तो पता चला कि वह वही नाम है जो मिशन बोर्ड में लिखे थे, अनिमेष, मयंक और दिव्यम। कुछ समय पश्चात तनुज फ्रिज के पास पहुंचा तो देखा कि वहां कोल्ड ड्रिंक नहीं थी वहां तो स्पेस ड्रिंक थी।
फिर तनुज सोफे पर बैठकर मिशन पढ़ने लगा, मिशन में लिखा था कि मंगल अटैक बेस में एलियंस का कब्जा है और मुझे अपने 3 साथी दिव्यम जुपिटर में, अनिमेष नेपच्यून में और मयंक यूरेनस में मिलेंगे। उसमें लिखा था कि हमें मंगल अटैक बेस और वहां के निवासियों को बचाना है।
तनुज ने ज्यादा देरी ना करते हुए अपना स्पेस सूट पहना और स्पेस शिप ZR3061 को लेकर नेपच्यून की ओर चल दिया। तनुज नेप्चून के नजदीक था तभी Joga एलियन अपनी सेना के साथ उसे मारने आ गया। तनुज का स्पेसशिप बहुत बुरी तरीके से क्षतिग्रस्त हो चुका था। उसने अपने स्पेसशिप को रिकवरी मोड में डाला और बैकवर्ड फायरिंग स्टार्ट कर दी।
तनुज ने नेपच्यून अटैक बेस को भी बता दिया था कि मैं एमरजैंसी लैंडिंग करूंगा या मेरी क्रैश लैंडिंग भी हो सकती थी, क्योंकि उसे एलियन सेना ने चारों तरफ से घेर लिया था, और अचानक उसकी क्रेश लैंडिंग हो गयी। जब वो होश में आया तो वो हॉस्पिटल में था। ठीक होकर निकलने पर देखा कि उसका स्पेस शिप भी ठीक हो चुका है और उसमें कई सारे नए और आधुनिक फंक्शंस भी आ चुके थे।
बाहर उसको उसका दोस्त अनिमेष भी मिला, दोनों ने बहुत बातें की और नेपच्यून एयर बेस से एक बड़ा स्पेसशिप ले लिया। दोनों ने अपने स्पेसशिप बड़े स्पेसशिप के अंदर डाले और आगे को जल्दी–जल्दी जा ही रहे थे कि उन्हें खबर मिली कि मयंक और दिव्यम जुपिटर में उनका इंतजार कर रहे थे। मयंक खुद जुपिटर पहुँच चुका था। उन्होंने अपना रास्ता बदल लिया था और अब दोनों जुपिटर की ओर जा रहे थे।
जुपिटर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि मयंक बातें कर रहा था। अनिमेष और तनुज ने तभी उनकी मेज के नीचे इनविजिबल बम डाल दिया, जिसमें सिर्फ गंध थी। जैसे ही वह फटा, वह दोनों तेजी से दौड़ते हुए बाहर आए, तभी अनिमेष और तनुज, मयंक और दिव्यम के ऊपर हंसने लगे और दिव्यम और मयंक के स्पेसशिप भी बड़े स्पेसशिप के अंदर डाल दिए। उन लोगों ने बहुत बातें की और चल दिए मंगल ग्रह की ओर।
दिव्यम ने अपने दूरबीन से मंगल में झाँका तो बहुत कुछ पता चला। फिर उन लोगों ने अपना प्लान बनाया और दो टीमों में बंट गए। मयंक और दिव्यम एक ओर से गए और अनिमेष और तनुज दूसरी ओर से। सभी ने बाहर के सारे एलियंस को मार गिराया और दूसरी और मयंक और दिव्यम ने भी धूम मचा रखी थी। दिव्यम ने अटैक बेस का दरवाजा हैक कर दिया।
सभी अटैक बेस पर मिले और अपना प्लान चेंज किया क्योंकि एलियन भी सतर्क हो चुके थे। सबने अपनी बंदूके निकाली और डायरेक्ट फायरिंग स्टार्ट कर दी। लेकिन उन्होंने जो गोलियां इस्तेमाल की थी वह एलियंस को 1 दिन तक सुला सकती थी। इतने समय में वे लोग उन्हें जेल में बंद कर सकते थे। उन चारों ने पूरी सेना को पकड़ लिया था, लेकिन वहां के कैप्टन Duba और उनके तीन साथी Joga, Toba और Oggy भागने में सफल रहे।
चारों दोस्तों ने बाकी सारे एलियंस को कैद कर कर जेल में बंद कर दिया। सभी लोग खाना खाकर चल दिए अपने घरों को। मंगल ग्रह को पार करने के बाद जैसे ही जुपिटर पर पहुंचे तो देखा कैप्टन एलियन Duba और उसकी फौज बाहर खड़ी थी। उन चारों ने उन्हें हराने की कोशिश की और उसके साथियों और आधी सेना को मार चुके थे। लेकिन वे चारों दोस्त आखिर में हार गए और स्पेस में गिरने लगे।
जब वे सभी नीचे गिरे, तभी किनारे से आवाज आई "तनुज बेटा उठो, सुबह के 5:00 बज गए" तनुज उठा और दौड़ता हुआ बाहर भागा, देखा वह स्पेस में नहीं था। यह तो हमारी प्यारी धरती थी जिसमें तनुज खड़ा था। अब वो जान चुका था कि वह सपना देख रहा था। तनुज ने सोचा "काश! यह सच में होता तो कितना मजा आता!"
A story by Utkarsh Dapola
